पवन ऊर्जा संसाधन निर्धारण और अपतटीय पवन ऊर्जा (WRA&O)

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उद्देश्य +

राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संसाधन की पवन ऊर्जा संसाधन निर्धारण और अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाओं का उद्देश्य पवन ऊर्जा उपयोग के विकास के लिए क्षेत्र मापन के माध्यम से देश में पवन ऊर्जा की समृद्ध संभावना वाले क्षेत्रों की खोज करना है। इस प्रकार देश के सभी भागों से संग्रहित आँकड़ों को राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संसाधन एटलस की तैयारी के लिए समेकित किया जाना है। उपर्युक्त के अतिरिक्त, पवन ऊर्जा के उत्पादन के लिए मॉडल और उपग्रह सूचना जैसी अन्य तकनीकों का उपयोग करते हुए भूमि और अपतटीय पवन ऊर्जा के सभी पवन ऊर्जा संसाधन से संबंधित अध्ययनों का भी उपयोग किया जाना चाहिए।

पद्धति +

पवन ऊर्जा संसाधन निर्धारण के लिए, बहु आयामी उपकरण के साथ समर्पित 20/ 25/ 30/ 50/ 120 मीटर ऊँचे जालीदार मस्तूलों का उपयोग अनुसंधान आदि के लिए किया जाता है; और, विश्वसनीय एवं पूरी तरह से स्वचालित उपकरण आदि पवन ऊर्जा टरबाइन क्षेत्रों के लिए आवश्यक आँकड़े उपयोग हेतु प्रदान किए जाते हैं; जिनका उपयोग पवन ऊर्जा संसाधन निर्धारण हेतु किया जा रहा है।

उपलब्धियां+
  • भारत में 794 पवन ऊर्जा टरबाइन क्षेत्रों पर पवन ऊर्जा की गति और दिशा की निगरानी।
  • भारत में 4 बड़े पवन ऊर्जा टरबाइन क्षेत्रों पर पवन ऊर्जा की गति और दिशा निर्धारण और संदर्भ हेतु 120 मीटर ऊँचाई के, बहुस्तरीय उपकरण युक्त, 4 पवन ऊर्जा टरबाइन संस्थापित करते हुए कार्यांवयन आरम्भ किया गया।
    1. राजस्थान में अकाल / जैसलमेर,
    2. गुजरात में लम्बा / जामनगर,
    3. महाराष्ट्र में जगमीन / सातारा,
    4. कर्नाटक में जोगिमट्टी / चित्रदुर्ग]
  • पवन ऊर्जा संसाधन सर्वेक्षण – खंड –V प्रकाशित किया गया; इसके अंतर्गत भारत के 10 राज्यों में स्थित 34 पवन ऊर्जा निगरानी स्टेशनों के पवन ऊर्जा आँकड़े संग्रहित किए गए हैं।
  • पवन ऊर्जा संसाधन सर्वेक्षण – खंड –VI, सीडी सहित, प्रकाशित किया गया; इसके अंतर्गत भारत के 16 राज्यों / संघ शासित प्रदेशों में स्थित 55 पवन ऊर्जा निगरानी स्टेशनों के पवन ऊर्जा आँकड़े संग्रहित किए गए हैं।
  • पवन ऊर्जा संसाधन सर्वेक्षण – खंड –VII, सीडी सहित, प्रकाशित किया गया; इसके अंतर्गत भारत के 6 राज्यों में स्थित 26 पवन ऊर्जा निगरानी स्टेशनों के पवन ऊर्जा आँकड़े संग्रहित किए गए हैं।
  • पवन ऊर्जा संसाधन सर्वेक्षण – खंड –VIII, प्रकाशित किया गया; इसके अंतर्गत 76 पवन ऊर्जा निगरानी स्टेशनों के पवन ऊर्जा आँकड़े संग्रहित किए गए हैं।
  • भारत के 10 राज्यों में पवन ऊर्जा के 100 संभावित क्षेत्रों की सूक्ष्म सर्वेक्षण रिपोर्ट और मास्टर प्लान तैयार किया गया।
  • भारत में 1000 मेगावॉट से अधिक (कुल) पवन ऊर्जा टरबाइन क्षेत्रों के लिए माइक्रोसिटिंग / सावधानी सुरक्षा रखने संबंधी आयोजन किया गया।
  • भारतीय पवन ऊर्जा एटलस तैयार किया गया और प्रकाशित किया गया।
सेवाएं+

पवन ऊर्जा टरबाइन क्षेत्रों के विकास के लिए, पवन ऊर्जा संसाधन निर्धारण, पवन ऊर्जा संसाधनों का सूक्ष्म सर्वेक्षण, माइक्रो सिटिंग और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) आदि हेतु परामर्श सेवाएं प्रदान करना।

भारत में संभावित अनुमानित पवन ऊर्जा +

भारत देश की, भारतीय पवन ऊर्जा एटलस और यथावत मापन के संदर्भ में, देश की पवन ऊर्जा की संभावित संस्थापित करने योग्य क्षमता का, अनुमान लगाया गया है। एक अनुदारवादी विचार के अनुसार, हिमालयी राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों और अंडमान निकोबार द्वीप समूह को छोड़कर भारत के सभी राज्यों की 2 प्रतिशत भूमि की उपलब्धता का एक अंश ऊर्जा अनुमान के लिए माना जाता है। हिमालयी राज्यों में, पूर्वोत्तर राज्यों और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में इसकी प्रतिशतता 0.5 प्रतिशत मानी जाती है। यद्यपि प्रत्येक राज्य में वास्तविक भूमि उपलब्धता के अनुसार संभावित परिवर्तन होता है। संस्थापित करने योग्य संभावित पवन ऊर्जा क्षमता (नाम प्लेट विद्युत) की गणना प्रत्येक पवन ऊर्जा घनत्व रेंज के लिए 9 मेगावॉट (7 डी x 5 डी, 8 डी x 4 डी और 7 डी x 4 डी अंतरालन है, और इसमें डी टरबाइन का रोटर व्यास है) होती है, और प्रति वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में इसे संस्थापित किया जा सकता है। ।

राज्य / संघ शासित प्रदेश संस्थापित करने योग्य संभावित, 50 मीटर ऊँचाई के स्तर पर (मेगावॉट)
अंडमान और निकोबार2
आंध्र प्रदेश5394
अरुणाचल प्रदेश*201
असम*53
छत्तीसगढ़ *23
गुजरात10609
हिमाचल प्रदेश *20
जम्मू और कश्मीर *5311
कर्नाटक8591
केरल790
लक्षद्वीप16
मध्य प्रदेश920
महाराष्ट्र5439
मणिपुर *7
मेघालय *44
नागालैंड *3
ओडिशा910
राजस्थान5005
सिक्किम *98
तमिलनाडु5374
उत्तराखंड *161
उत्तर प्रदेश *137
पश्चिम बंगाल *22
कुल 49130

* पवन ऊर्जा क्षमता को अभी मापन के साथ मान्य किया जाना शेष है।

50 मीटर ऊँचाई के स्तर पर संस्थापित करने योग्य क्षमता।

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